मेरे विचार में
घर परिवार और रिश्तों की पूरी समझ न होने पर विवाह के बंधन में बंधना ही नहीं चाहिए ।
आधी समझ , आधी तैयारी से इस समाजिक कर्म को करना समाज को कमजोर बनाता है ।
एक मजबूत परिवार के लिए पति पत्नी नींव की ईंट की तरह होते हैं ।
सुदृढ़ समाज के लिए अटल विश्वास के साथ विवाह के बंधन में बँधना चाहिए ।
