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बुधवार, 3 जून 2026

सूरज उतरा मेरे अंगना

 पहले पहर का सूरज उतरा मेरे अँगना 

सुबह सवेरे घर भर में खनके मेरा कंगना 

अन्नपूर्णा बन सब की क्षुधा को शांत मैं करती 

साँझ के सूरज की लाली जीवन को समृद्धि से भरती 

माथे पर सुनहरी स्वेद कणों के मोती ढुलकते और चमकते 

सूरज की लाली से मेरी सूरत भी दमकती और निखरती !! 


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