Wednesday, March 12, 2008

त्रिपदम (हाइकु) चित्र में







सिहरी काँपीं
आगोश मे सकून
सूरज तापे



(दम्माम में 8-10 क्लिक करने के बाद ही मेरी मन-चाही मन-भावन तस्वीर उतर पाई)

12 comments:

पंकज अवधिया Pankaj Oudhia said...

बहुत बढिया। जैसा आप भी सोच रही है इसमे चित्र भी शामिल करे ताकि यह पोस्ट और निखर जाये।

पंकज अवधिया Pankaj Oudhia said...

बढिया चित्र है। वाटरमार्क बडा लगाये चोरी से बचाने लिये।

Sanjay said...

बहुत सुंदर तस्‍वीर...

दिनेशराय द्विवेदी said...

कूँची चला
पल-पल बदल रहा
वह चितेरा

Udan Tashtari said...

उम्दा तस्वीर..

mehek said...

bahut sundar tasveer aur haiku bhi

ajay kumar jha said...

kamaal hai,
aap nit naye tasveer dihaatee hain aur apne naye andaaz bhee. bahut achhaa lagaa.

Poonam said...

सुन्दर चित्र

sunita (shanoo) said...

लो दी हमने चुरा ली तस्वीर डेस्कटोप पर लगा रहे है...:)

कंचन सिंह चौहान said...

बढ़िया..!

Mired Mirage said...

फोटो सुन्दर है ।
घुघूती बासूती

Sanjeet Tripathi said...

दोनो ही शानदार