"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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हिन्दी सागर
Living Life in Lens
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बुधवार, 28 अप्रैल 2010
हम बुरा ही क्यों सोचते हैं.....!
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ऑफिस के लिए विजय निकले ही थे कि इधर दुबई वाला मोबाइल बज उठा, सालिक का सन्देश था जिसमें टॉलगेट पार करने के लिए अब एक भी दहरम नहीं बचा था. वहा...
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मंगलवार, 27 अप्रैल 2010
रेप फिश
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मौसम बदलने की इस प्रक्रिया में ऐसे लगता है जैसे जलते तपते सूरज से बचने के लिए धरती रेत का आँचल ओढ़े इधर से उधर भाग रही हो... तेज़ धूप में झुलस...
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शनिवार, 24 अप्रैल 2010
रेतीली हवाओं में संगीतमय फिल्म
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गुरुवार की शाम घर से बाहर जाने का जोश ठंडा पड़ गया ..... रेतीला तूफ़ान (सैण्ड स्ट्रॉम) ऐसा शुरु हुआ कि घर के अन्दर भी साँस लेना मुश्किल हो गया...
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मंगलवार, 20 अप्रैल 2010
ख़ानाबदोश ज़िन्दगी
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नियमित न लिख पाने का एक बड़ा कारण है ख़ानाबदोश ज़िन्दगी... एक सूटकेस लिए कभी यहाँ तो कभी वहाँ... ब्लॉगजगत की पुरानी यादों ने झझकोरा तो एक पोस्ट...
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बुधवार, 14 अप्रैल 2010
भूली बिसरी यादों की खुशबू....
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भूली बिसरी यादों की खुशबू फिर से मन को महकाने लगी.... भूली बिसरी यादें ! नहीं नहीं.......... यादें तो बस यादें होती हैं..शायद यादें कभी भुला...
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मंगलवार, 1 सितंबर 2009
24वीं वर्षगाँठ पर ....
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पहली सितम्बर की सुबह की लालिमा ... सन्ध्या की कालिमा में बदल गई.... लेकिन हाथ की कलम में कोई हरकत न ...
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गुरुवार, 27 अगस्त 2009
'प्रेम ही सत्य है' ब्लॉग का जन्मदिवस
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मोबाइल का अलार्म बजते ही सन्देश पढ़ा कि आज हमारे छोटे भाई के बेटे समर्थ का जन्मदिन है और अनायास याद आ गई अपने ब्लॉग़ की जिसका जन्म भी आज के ही...
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