"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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हिन्दी सागर
Living Life in Lens
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रविवार, 29 मार्च 2009
प्रहार को रोकें और प्रहरी बनें
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प्रकृति पर होते प्रहार को हर पल रोकें प्रहरी बन बचाएं धरती को हर पल सोचे ! कल शनिवार 28 मार्च 2009 पूरी दुनिया में ‘अर्थ ऑवर’ म...
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शनिवार, 28 मार्च 2009
कुछ मेरी कलम से भी ......
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उम्र.... कोरे काग़ज़ जैसी कभी हरकत करती उंगलियों सी कभी काँपती कलम सी ..!! उम्र ..... खाली प्याले सी कभी लबालब झलकती सी कभी आखिरी बूँद को तरसत...
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शनिवार, 7 फ़रवरी 2009
लिंक्स टू दिस पोस्ट !
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पिछली पोस्ट को ज़ारी रखते हुए कायदे से 'सफ़र का अगला सफ़ा' दर्ज करना था लेकिन उस पोस्ट की टिप्पणियाँ पढते पढ़ते नीचे नज़र गई तो 'लिं...
18 टिप्पणियां:
मंगलवार, 3 फ़रवरी 2009
सफ़र के कुछ सफ़े - 1
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ब्लॉग जगत के सभी मित्रों को नमस्कार.... ! 6 अक्टूबर 2008 को अपने देश की ज़मीन पर पैर रखते ही सोचा था कि हर दिन का अनुभव आभासी डायरी में उतारत...
19 टिप्पणियां:
गुरुवार, 29 जनवरी 2009
आपकी अभिव्यक्ति पर मेरे भाव
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दूर दूर तक गहराते कोहरे में अपने वजूद को गुम होते देख कर स्तब्ध रह जाना और फिर उसी वजूद की तलाश में निकल जाना .... बस ऐसे ही दिन पर दिन , हफ...
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बुधवार, 28 जनवरी 2009
कोहरा, कलम और मैं
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1 कोहरा सर्द आहें भरता हुआ अपने होने का एहसास कराता है... दूर दूर तक फैले नीले आसमान के नीचे मुझे अपनी गिरफ़्त में ले लेता है , उसके आगोश में...
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मंगलवार, 4 नवंबर 2008
नेह निमंत्रण सस्नेह स्वीकर...! ...
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मन हर्षाया निमंत्रण जो पाया छाया उल्लास उर्जा पाऊँगी हर एक स्त्रोत से नए भाव की सौहार्द चर्चा के लिये नेह निमन्त्रण सभी ब्लॉग लिखती मह...
13 टिप्पणियां:
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