"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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हिन्दी सागर
Living Life in Lens
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गुरुवार, 29 जनवरी 2009
आपकी अभिव्यक्ति पर मेरे भाव
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दूर दूर तक गहराते कोहरे में अपने वजूद को गुम होते देख कर स्तब्ध रह जाना और फिर उसी वजूद की तलाश में निकल जाना .... बस ऐसे ही दिन पर दिन , हफ...
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बुधवार, 28 जनवरी 2009
कोहरा, कलम और मैं
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1 कोहरा सर्द आहें भरता हुआ अपने होने का एहसास कराता है... दूर दूर तक फैले नीले आसमान के नीचे मुझे अपनी गिरफ़्त में ले लेता है , उसके आगोश में...
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मंगलवार, 4 नवंबर 2008
नेह निमंत्रण सस्नेह स्वीकर...! ...
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मन हर्षाया निमंत्रण जो पाया छाया उल्लास उर्जा पाऊँगी हर एक स्त्रोत से नए भाव की सौहार्द चर्चा के लिये नेह निमन्त्रण सभी ब्लॉग लिखती मह...
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शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2008
आशा का दीप जलाया जाए तो प्रकाश होगा ही...
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आजकल हम दिल्ली में हैं.....दुबई से चलते हुए मन में कई मंसूबे बाँधे थे कि भारत भ्रमण के बहाने ब्लॉगजगत की परिक्रमा ज़रूर करेंगे लेकिन यहाँ आकर...
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सोमवार, 27 अक्टूबर 2008
ज्योति पर्व मंगलमय हो !
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ब्लॉगजगत के सभी मित्रों को दीपावली पर हार्दिक शुभकामनाएँ ....!
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मंगलवार, 9 सितंबर 2008
ईरान के नन्हे आर्यान का हिन्दी प्रेम
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पिछले दिनों पहली बार दिल और दिमाग ब्लॉग जगत से पूरी तरह से आज़ाद था... एक नन्हें नटखट बच्चे में गज़ब का आकर्षण, जिसने अपनी मीठी प्यारी बातो...
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रविवार, 7 सितंबर 2008
एक साल का नन्हा सा चिट्ठा
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एक डाल पर बैठा पंछी पंखों को खुजलाए आसमान में उड़ने को जैसे ललचाए .... की-बोर्ड का मन भी मस्ती से लगा मचलने जड़ सी उंगलियाँ मेरी तेज़ी से लगीं ...
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