"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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शनिवार, 21 मई 2016
बच्चों जैसा उतावलापन था ! लाइसेंस लेते वक्त !
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मेरी यादों की गुल्लक में आज भी सालों पुराने ड्राफ्ट ताज़ा हैं. जैसे कल की बात हो जब ड्राइविंग लाइसेंस मिलने पर सबने दावत माँगी थी. दुब...
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रविवार, 28 अगस्त 2011
कुछ तकनीकी अज्ञान और कुछ मन की भटकन ....(साँसों का पैमाना)
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कल की पोस्ट करते वक्त कुछ तकनीकी अज्ञान और कुछ मन की भटकन .... सब मिल कर गडमड हो गया.... अपने एक परिचित मित्र के मित्रों की दास्ताँ ...
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सोमवार, 24 मार्च 2008
अपने ममता भरे हाथों से ....!
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(सन्ध्या के समय समुन्दर के किनारे बैठे बेटे विद्युत ने तस्वीर खींच ली, और हमने अपनी कल्पना में एक शब्द चित्र बना लिया. ) ममता भरे हाथों से...
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