"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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तू सूरज मैं मूरत मोम की
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शुक्रवार, 11 जनवरी 2008
तू सूरज मैं मूरत मोम की
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तू सूरज मैं मूरत हूँ मोम की तू अग्निकण मैं बूँद हूँ ओस की ! तपन तेरी से पिघले तन-मन तपिश तेरी से सुलगे प्रति-क्षण ! तू समझे न बातें ...
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