"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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सोमवार, 29 अक्टूबर 2007
नभ की सुषमा
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अभी तो सूरज दमक रहा है. दिन अलस जगा है. चंदा के आने का इंतज़ार अभी से क्यों लगा है ! बस उसी चंदा के ख्यालों में मेरा मन रमा है नभ की सुषमा दे...
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गुरुवार, 18 अक्टूबर 2007
धरा गगन का मिलन असम्भव !
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अम्बर की मीठी मुस्कान ने, रोम रोम पुलकित कर दिया उससे मिलने की चाह ने, धरा को व्याकुल कर दिया . मिलन असम्भव पीड़ा अति गहरी, धरा गगन की नियति ...
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