Monday, April 20, 2009

पदम तले त्रिपदम

हरिद्वार के पतजंलि योगपीठ में प्रकृति के साथ बिताए कुछ पल यादगार बन गए। बेटे वरुण ने पूरे आश्रम में घूम घूम कर सभी फूल पौधों के चित्र खींचें. उसकी स्वीकृति लेने के बाद इन तस्वीरों
में त्रिपदम सजा दिए.



पदम तले
त्रिपदम पले हैं
सुगन्ध भरे












नवयौवना
गुलानारी रूपसी
नई नवेली










न्यारा है रूप
चित्रकला अनोखी
रंगों की माया









बिन्दु चक्र में
सम्मोहन की छाया
भरा रहस्य










स्नेह के धागे
पीले केसर जैसे
अति सुन्दर










मैं और तुम
उपवन के माली
फूल खिले हैं







बाँहें फैलाए
धरा खड़ी निहारे
नीला आकाश







काँटो का संगी
गुलाब नाज़ुक सा
गुलों का गुल







धरा सजी है
लाल पीले रंग से
पत्ते मुस्काए







गुलाबी गोरी
प्रहरी तने हुए
नाता गहरा






हरा कालीन
टंके हैं बेल-बूटे
बेमोल कला








धुंधले साए
छटेंगे इक दिन
खिलेगे फूल






रंग रंगीला
महकता जीवन
कण्टकहीन








दृढ़-निश्चयी
जीने का लक्ष्य पाएँ
ठान लो बस








दहका रवि
हो गए लाल पीले
खिलते फूल







गुलाबी बाँहें
नभ को छूना चाहें
हँसी दिशाएँ





29 comments:

पंकज अवधिया Pankaj Oudhia said...

बहुत दिनो बाद पढने को मिले ऐसे त्रिपदम। बेहद शानदार तस्वीरे। अब वरुण कैसा है?

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

बहुत बढ़िया यात्रा संस्मरण फोटो बहुत ही मनमोहक जानदार है . आभार.

श्यामल सुमन said...

चित्र सुमन का देखकर श्यामल सुमन विभोर।
साधुवाद है आपको दृश्य बहुत चितचोर।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

Arvind Mishra said...

वाह ,अद्भुत और अनिन्द्य !

Dr. Chandra Kumar Jain said...

अति सुन्दर !
गुलों के गुल जैसी महकती पोस्ट.
साथ-साथ काव्यात्मक टिप्पणियों ने
तो जैसे फूलों का ही श्रृंगार कर दिया है...
आपने हरेक चित्र को जीवन की भाषा दी है.
आपको और चिरंजीव को भी हार्दिक बधाई.
***********************************
डॉ.चन्द्रकुमार जैन

अशोक पाण्डेय said...

प्रकृति की इन अनुपम कृतियों को देख मन तृप्‍त हो गया। आभार।

PN Subramanian said...

बेहद खूबसूरत. आभार.

PN Subramanian said...

बेहद खूबसूरत. आभार.

संगीता पुरी said...

बहुत ही खूबसूरत ...

सुजाता said...

बहुत सुन्दर !

VIJAY TIWARI " KISLAY " said...

मीनाक्षी जी
अभिवंदन
जितनी सुन्दर प्रकृति
उतने ही सुन्दर प्रकृति के रंग दिखाए आपने
साथ ही त्रिपदम में अभिव्यक्ति
एक साथ
यात्रा संस्मरण
प्राकृतिक सौन्दर्य दर्शन और
उनसे सम्बंधित त्रिपदम
त्रि आयामी पोस्ट से
मन प्रसन्न हो गया
बधाई
- विजय

Rachna Singh said...

beautiful

mehek said...

waah behad khubsurat chitra bhi ,haiku bhi.

रंजना [रंजू भाटिया] said...

चित्र और उस पर लिखे त्रिपदम बहुत ही सुन्दर अदभुत बहुत बढ़िया ..

अभिषेक ओझा said...

हुब्सुरत फूलों के साथ... सुन्दर त्रिपदम !

बी एस पाबला said...

बहुत ही सधे हाथों और पारखी निगाहों के परिणाम लग रहे हैं ये सुंदर चित्र

ajay kumar jha said...

ab huee na kuchh baat, bahut sundar meenu didi, kya kahun ,adbhut, manmohak , sukoon mil gaya , charchaa kee charchaa waheein karungaa .

आलोक सिंह said...

अत्यंत सुन्दर एवं मोहक छवि !!!!!!

डा० अमर कुमार said...

आज.. बस एक ही शब्द,
मनमोहक मनभावन

Javeria Asmath said...

Awesome photography ..three cheers to Varun for his excellent skills in photography...and three cheers to meenu for her excellent skills in writing ...Talented Family!!!!!Keep up ur good work

हिमांशु । Himanshu said...

फूलों के भीतर छिपे सत्य ही जैसे उद्घाटित हो गये हों खुद ब खुद । मोहक ।

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

यहां की लू में ठण्डी बयार सी पोस्ट।

Udan Tashtari said...

सुन्दर मनभावन चित्र. आभार.

कंचन सिंह चौहान said...

bahut sundar chitra

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

अरे वाह .आज तो फूलोँ पे बहार ले आयीँ हैँ आप ..त्रिपदम्` सारे एक बढकर एक ! सुँदर ...

गौतम राजरिशी said...

मोहक तस्वीरों के साथ मनमोहक शब्दावली

नीरज गोस्वामी said...

गज़ब के चित्र...बार बार देखने को जी चाह रहा है...
नीरज

Mrs. Asha Joglekar said...

वाह मीनाक्षी जी बहुत मनमोहक चित्र और उतनेही सुंदर त्रिपद्म ।
आपकी टिप्पणी देख कर अच्छा लगा ।
अनुपम बहुत अच्छे डेन्टिस्ट है । क्लिनिक का नाम है संतोष डेन्टल क्लिनिक उनका फोन नं. है 26138696

Parul said...

bahut bahut sundar