"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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हिन्दी सागर
Living Life in Lens
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शनिवार, 30 जुलाई 2011
गर्मी में सैर
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आजकल घर की सफ़ाई का अभियान चल रहा है... दोनों बेटों की मदद से रुक रुक कर पूरे घर की सफ़ाई की जा रही है... दो तीन दिन में घर को रंग रोगन से...
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बुधवार, 27 जुलाई 2011
सपने डराते भी हैं... .!
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सपने अक्सर् सुहाने होते हैं लेकिन जब डराते हैं तो फिर भूलते नहीं.... कुछ् दिन से फिर शुरु हुए प्लेन क्रेश के सपने.... अच्छी तरह से जानती हू...
बुधवार, 13 जुलाई 2011
रूठी कविता
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जाने क्यों आज सुबह से .... मेरी 'कविता' रूठी है मुझसे दूसरी कविताओं को देख कर वैसा ही बनने की चाहत जागी है उसमें... मेरे दिए ...
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शुक्रवार, 8 जुलाई 2011
कल रात मैं रात के संग थी...
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कल रात मैं रात के संग थी तन्हाँ सिसकती सी रात को .... समझाना चाहा ... हे रात ! तुम्हें ग़म किस बात का साए तो सदा साथ ...
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बुधवार, 6 जुलाई 2011
आज लाखों का नुक्सान हो जाता ग़र.....!
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मेरी नई चप्पल सच कहा गया है कि ईश्वर जो करता अच्छे के लिए ही करता है....हुआ यूँ कि कार की रजिस्ट्रेशन कराने के लिए एक कम्पनी से आए कर्...
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मंगलवार, 5 जुलाई 2011
गुलमोहर और ताड़
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मेरे घर के सामने हर रोज़ ध्यान लगाने की कोशिश करती हूँ .... आँखें खुलते ही शीशे की दीवार से पर्दा हटा देती हूँ ... दिखता है विस्तार ल...
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गुरुवार, 30 जून 2011
एक कर्मयोद्धा सा
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रियाद में अपने घर की खिड़की से ली गई तस्वीर सड़क के उस पार शायद कोई मजदूर बैठा है कड़ी धूप में सिर झुकाए जाने क्या सोचता है... मैं ...
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