"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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हिन्दी सागर
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शुक्रवार, 4 जनवरी 2008
मेरी भी आभा है इसमें
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नए गगन में नया सूर्य जो चमक रहा है यह विशाल भूखंड आज जो दमक रहा है मेरी भी आभा है इसमें भीनी-भीनी खुशबूवाले रंग-बिरंगे यह जो इतने फूल खिले ह...
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बुधवार, 12 दिसंबर 2007
आदमीनामा
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(कुछ शब्दों के अर्थों को लिखने के लिए एडिट किया था सो पोस्ट ड्राफ्ट में चली गई थी, दुबारा पोस्ट कर रही हूँ.) कई दिनों की उलझन जिसे संजीत ...
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