"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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बुधवार, 13 जुलाई 2011
रूठी कविता
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जाने क्यों आज सुबह से .... मेरी 'कविता' रूठी है मुझसे दूसरी कविताओं को देख कर वैसा ही बनने की चाहत जागी है उसमें... मेरे दिए ...
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