"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
मेरे ब्लॉग
(यहां ले जाएं ...)
हिन्दी सागर
Living Life in Lens
▼
बेचैन मन की बातें ..दर्द
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
बेचैन मन की बातें ..दर्द
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
मंगलवार, 14 जून 2011
सुर्ख रंग लहू का कभी लुभाता तो कभी डराता
›
आज अचानक आटा गूँथने ही लगी थी कि तेज़ दर्द हुआ और हाथ बाहर खींच लिया... देखा छोटी उंगली से फिर ख़ून बहने लगा था....ज़ख़्म गहरा था...दर्द...
12 टिप्पणियां:
मंगलवार, 5 अप्रैल 2011
दर्द से अद्भुत रिश्ता
›
मैंने उसे देखा , मुझसे रहा न गया ....... मैं आगे बढ़ी और उसे बाँहों में भर लिया...... मैं उसे ही नहीं उसके दर्द को भी अपनी बाँहों में जकड़...
10 टिप्पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें