"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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सोमवार, 21 जनवरी 2008
प्रथम मिलन को भूल न पाऊँ
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आज मेरा व्याकुल मन फिर मिलने को आतुर बरसों पुराना मधुर-प्रेम रस फिर पीने को आतुर !! सूखे कगार सी पतली दो रेखाएँ बेचैन भुजाएँ बनकर आलिंगन करन...
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