"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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निराश न हो मन
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बुधवार, 10 अक्टूबर 2007
निराश न हो मन।
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अकेला ही चलना होगा जीवन-पथ पर अकेला ही बढ़ना होगा मृत्यु-पथ पर।। निराश न हो मन। इस दुनिया में भटक रहा तू व्याकुल होकर रिश्तों के मोह मे...
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