"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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सोमवार, 19 मई 2014
मेरे पढ़ने-लिखने का लेखा-जोखा 2 (वाजिब है हमरे लिए दफा 302)
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समाज से जुड़ी पोस्ट को लेकर अक्सर हम दोनों पति-पत्नी में बहस और कभी तल्खी हो जाती है, जिसके लिए समय चुनते हैं शाम की सैर का...पति जितनी शांत...
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