"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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शुक्रवार, 5 अगस्त 2011
जीवन का ज्वार-भाटा
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नर और नारी सागर किनारे बैठे थे झगड़ा करके ऐंठे थे रेत पर नर नारी लिखते लम्बे वक्त से मौन थे नर ने मौन तोड़ा नारी को लगा...
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