"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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बुधवार, 1 जून 2011
ज़मीन और जूता
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एक मासूम सी उदास लड़की की खाली आँखों में रेगिस्तान का वीरानापन था सूखे होंठों पर पपड़ी सी जमी थी पर उसने पानी का एक घूँट तक न पि...
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