"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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रविवार, 7 अक्टूबर 2007
किनारे से लौट आई
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समुद्र में दूर तक तैरना चाहा लहरों से दूर तक खेलना चाहा पर किनारे से लौट आई। वारिधि की गहराइयों में उतरना चाहा भँवरों में उसकी डूबना चाह...
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