"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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शनिवार, 5 जनवरी 2008
हे मेरे मन, आशा का दीप जला !
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आज सोचा कि मन में आते भावों को बाँधने की बजाए उसे बहने देना ही सही होगा. बहता पानी साफ रहता है, रुके हुए पानी से अपने लिए ही नहीं आसपास के ल...
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