"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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अपने बल पर मुक्ति
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अपने बल पर मुक्ति
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शनिवार, 5 जुलाई 2008
अपने बल पर मुक्ति पाओ..!
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गन्दे लोगों से छुड़वाओ... पापा मुझको तुम ले जाओ... खत पढ़कर घर भर में छाया था मातम .... पापा की आँखों से आँसू रुकते न थे .... म...
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