प्रकृति से प्रेम करने वाला मानव ही मानव से प्यार कर सकता है, ऐसा मेरा विश्वास है इसलिए मानव का प्रकृति से प्रेम होना बहुत जरूरी है। घर के बगीचे या गमले में लगे फूल , उस पर बैठे पक्षी, तितलियाँ, भंवरे और कभी कभी भूले भटकते hummingbirds को देख कर मन गदगद होकर कुछ इस तरह कह उठता -
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बुधवार, 7 अगस्त 2024
दूर हो पर दिल के करीब हो
कभी कभी जिस मित्र या सखी से हम बात करना चाहते हैं , वह हमसे दूर भागता है और हम दुखी होकर बैठ जाते हैं। किसी काम में दिल नहीं लगता और हम बेचैन हो जाते हैं लेकिन एक कड़वा सच ये भी है कि ज़िंदगी बहुत छोटी है जिसमें निराश हो कर ज़िंदगी से मुंह मोड़ लेना सही नहीं । जीवन चलने का नाम है या तो बिना कुछ मांगे प्यार करते रहो या आगे बढ़ कर नए रास्ते तलाश करो -
ज़िंदगी समतल जमीन नहीं
ज़िंदगी zigzag सी चलती है, शायद यही इसकी खूबसूरती है । नकरात्मता होती है तो हम सकारात्मक होने के लिए तत्पर होते हैं इसलिए दोनों भाव साथ साथ चलते हुए हमारे व्यक्तित्व में निखार लाते हैं -
सिहर गई मैं (Sihar gayi main)
बड़े बेटे वरुण की नई सोच से एक नई कोशिश की जिसमें अपने शब्दों को संगीत और चलचित्र के माध्यम से
आप से साझा करने की चाहत हुई , यकीन है आपको ये नहीं कोशिश पसंद आएगी !!
गुरुवार, 4 अप्रैल 2024
मैं और मेरा बातूनी मन
कभी कभी चंचल मन खुद से बातें करता हुआ उकसाता है किसी मित्र , सखी या परिवार के किसी सदस्य से शिकायत करने के लिए लेकिन संयम में रहता मन इस बात को नकार कर नज़रन्दाज़ करने की सलाह देता है। प्रसन्नचित मन कहता है - जितना मिले उतने में खुश रहने की आदत हो तो ज़िंदगी सदाबहार !
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