"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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हिन्दी सागर
Living Life in Lens
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शुक्रवार, 8 नवंबर 2024
मैं हूं इक लम्हा
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मैं हूं इक लम्हा मृत्यु अंधकारमय कोई शून्य लोक है या नवजीवन का उज्ज्वल प्रकाशपुंज है या मृत्यु-दंश है विषमय पीड़ादायक या अमृत-रस का पात्र ह...
रविवार, 11 अगस्त 2024
प्रेम ही सत्य है
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एक बार फिर उंगलियां हरकत में आईं और थिरकने लगीं ब्लॉग जगत की दुनिया में। अगस्त 2007 में ब्लॉग "प्रेम ही सत्य है" का जन्म हुआ था ज...
बुधवार, 7 अगस्त 2024
गहराई (Depth)
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कुछ डगमग डगमग करते हुए विचार घेर लेते हैं तो उदास मन मंथन करते हुए बहुत कुछ सोचने लगता है । स्वयं को एक मुर्दा झील सी समझ कर ठहर जाता है । उ...
Hummingbird
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प्रकृति से प्रेम करने वाला मानव ही मानव से प्यार कर सकता है, ऐसा मेरा विश्वास है इसलिए मानव का प्रकृति से प्रेम होना बहुत जरूरी है। घर के...
दूर हो पर दिल के करीब हो
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कभी कभी जिस मित्र या सखी से हम बात करना चाहते हैं , वह हमसे दूर भागता है और हम दुखी होकर बैठ जाते हैं। किसी काम में दिल नहीं लगता और हम बे...
ज़िंदगी समतल जमीन नहीं
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ज़िंदगी zigzag सी चलती है, शायद यही इसकी खूबसूरती है । नकरात्मता होती है तो हम सकारात्मक होने के लिए तत्पर होते हैं इसलिए दोनों भाव साथ साथ...
सिहर गई मैं (Sihar gayi main)
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बड़े बेटे वरुण की नई सोच से एक नई कोशिश की जिसमें अपने शब्दों को संगीत और चलचित्र के माध्यम से आप से साझा करने की चाहत हुई , यकीन है आपको...
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