"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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हिन्दी सागर
Living Life in Lens
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सोमवार, 30 जनवरी 2017
ख़ुख़री सी आवाज़ वाला फ़ौजी - क़िताबों की चर्चा (1)
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दुनिया एक किताबखाना है , हर शख्स यहाँ बेनाम किताब है किताबों की इस दुनिया में , दाना भी हैं औ' अनपढ़ बेहिसाब हैं !! कब ...
शुक्रवार, 27 जनवरी 2017
सीमा का रखवाला
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बादल, बिजली, बारिश घनघोर और महफ़ूज़ घरों में हम सैनिक डटे सीमाओं पर हर पल रखवाली में व्यस्त रखवाली में व्यस्त, कभी ना होते पस्त दुश...
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गुरुवार, 26 जनवरी 2017
गणतंत्र दिवस
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दिल्ली से दुबई तक गणतंत्र दिवस का जश्न देखने और मनाने का आनंद अलग ही सुख दे रहा है. कई बरसों बाद पहली बार विश्व पुस्तक मेला देखा और अब गणतं...
मंगलवार, 21 जून 2016
प्रेम - Unconditional
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सागर की लहरों से बतियाती रेत पर लकीरें खींचती पीठ करके बैठी कोस रही थी चिलचिलाती धूप को सूरज की तीखी किरणें तीलियों सी चुभ रहीं थी...
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मंगलवार, 14 जून 2016
अम्माजी के छोटे-छोटे सपने
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ऑफिस से नीचे उतरते ही मैट्रो स्टेशन है. जहाँ से घर की दूरी चालीस मिनट की है. घर के पास वाला स्टेशन भी नज़दीक ही है. हर शाम पाँच बजे सीमा म...
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शुक्रवार, 27 मई 2016
शब्द शराब तो भाव नशा
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शब्द शराब बन आँखों के ज़रिए उतरते हैं दिल और दिमाग़ में नशा ग़ज़ब चढ़ता नस नस में उतरता धीरे धीरे असर होता शब्दों का, भ...
शनिवार, 21 मई 2016
बच्चों जैसा उतावलापन था ! लाइसेंस लेते वक्त !
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मेरी यादों की गुल्लक में आज भी सालों पुराने ड्राफ्ट ताज़ा हैं. जैसे कल की बात हो जब ड्राइविंग लाइसेंस मिलने पर सबने दावत माँगी थी. दुब...
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