"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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Living Life in Lens
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मंगलवार, 29 अप्रैल 2014
स्याह चेहरे वाली चिमनी
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खिड़की के उस पार अचानक नज़र चली गई दीवार पर खड़ी थी स्याह चेहरे वाली चिमनी सिसकती सी काला धुआँ उगलती तनी खड़ी तिकोनी टोपी ...
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गुरुवार, 24 अप्रैल 2014
खुले आसमान में उड़ने का ख़्वाब
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घर के अन्दर पसरी हुई ख़ामोशी ने मुझे अपनी बाँहों में जकड़ रखा है... छिटक कर उससे आज़ाद होना चाहती हूँ घबरा कर घर से बाहर भागती ह...
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मंगलवार, 22 अप्रैल 2014
बहुत दिनों के बाद......
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बहुत दिनों के बाद... अपने शब्दों के घर लौटी... बहुत दिनों के बाद ....... फिर से मन मचल गया... बहुत दिनों के बाद... फिर से कुछ लिखना...
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मंगलवार, 27 अगस्त 2013
ब्लॉग के जन्मदिन पर खिड़की दरवाज़े बन्द !
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'प्रेम ही सत्य है ' ब्लॉग के आज छह साल पूरे हुए. छह साल में 2190 दिन बनते हैं जिनमें सिर्फ 319 पोस्ट लिखीं गईं. बहुत कम है लेकिन फि...
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बुधवार, 17 जुलाई 2013
सुधा की कहानी उसकी ज़ुबानी (समापन किश्त )
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गूगल के सौजन्य से सुधा अपने आप को अपनों में भी अकेला महसूस करती है इसलिए अपने परिचय को बेनामी के अँधेरों में छिपा रहने देना चाहती है...
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शनिवार, 22 जून 2013
सुधा की कहानी उसकी ज़ुबानी (9)
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गूगल के सौजन्य से सुधा अपने आप को अपनों में भी अकेला महसूस करती है इसलिए अपने परिचय को बेनामी के अँधेरों में छिपा रहने देना चाहती है...
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सोमवार, 17 जून 2013
सुधा की कहानी उसकी ज़ुबानी (8)
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गूगल के सौजन्य से सुधा अपने आप को अपनों में भी अकेला महसूस करती है इसलिए अपने परिचय को बेनामी के अँधेरों में छिपा रहने देना चाहती है.....
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