"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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हिन्दी सागर
Living Life in Lens
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मंगलवार, 31 मई 2011
बाड़े में बन्द जीवन
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गर्मियों के दिन हैं...सूरज डूबने पर ही बाहर निकलने की सोची जा सकती हैं...शाम होते ही बाहर निकले तो लगा जैसे सूरज हवाओं में घुल कर बह रहा हो...
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सोमवार, 30 मई 2011
चिट्ठाकारों को शत-शत प्रणाम (बदलाव के साथ)
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यह उन दिनों की पोस्ट है जब हमने अभी नया नया ब्लॉग ही बनाया था... 28 सितम्बर 2007 की लिखी इस पोस्ट में कई ब्लॉग मित्रों का ज़िक्र है लेकिन लि...
5 टिप्पणियां:
रविवार, 29 मई 2011
यही तो सच है......
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पिछली पोस्ट 'आख़िरी नींद की तैयारी' जितनी बेफ़िक्री से लिखी थी ...टिप्पणियों ने उतना ही बेचैन कर दिया...सभी मित्रों से निवेदन है ...
21 टिप्पणियां:
बुधवार, 25 मई 2011
आख़िरी नींद की तैयारी
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चित्र नेट द्वारा पिछले दो दिनों से तबियत कुछ ऐसी है कि आधी रात गहरी नींद में लगने लगता है जैसे दिल की धड़कन रुक जाएगी.. कोई खास बीमार...
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सोमवार, 23 मई 2011
सीख जो दीनी वानरा , तो घर बया को जाए.... !
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मम्मी एक कहानी सुनाया करती थी , बया और बन्दर की... बचपन में ही नहीं.... किशोर हुए तब भी ...फिर यौवन की दहलीज पर पाँव पड़े तो भी वही कहानी....
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शुक्रवार, 20 मई 2011
रेगिस्तान का रेतीला रूप
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(28 मई 2009 का ड्राफ्ट) दूर दूर तक फैले रेगिस्तान का रेतीला रूप निहारा... सराहा.... महसूस किया जैसे हो माँ का आँचल लहराता... बलखाता.....
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गुरुवार, 19 मई 2011
डायरी के पुराने पन्ने
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कुछ पुराने ड्राफ्ट जिन्हें एक एक करके मुक्त करने की सोच रही हूँ .... यह सबसे पुराना ड्राफ्ट 3 जुलाई 2008 का लिखा हुआ है..... जस का तस पब्...
12 टिप्पणियां:
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