"प्रेम ही सत्य है"
"नारी-मन के प्रतिपल बदलते भाव जिसमें जीवन के सभी रस हैं। " मीनाक्षी
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हिन्दी सागर
Living Life in Lens
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रविवार, 20 अप्रैल 2008
फिर जन्मे कुछ हाइकु (त्रिपदम)
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चिट्ठा चित्तेरा पुकारे बार-बार लौटी फिर से मन मोहता मधुशाला का साकी बहके पग गहरा नशा डगमग पग हैं बेसुध मन कलम चली शब्दों को पंख लगे उड़ते भाव...
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बुधवार, 9 अप्रैल 2008
शैशव की स्मृति
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स्मृतियाँ लौटीं , शैशव की याद आई घुटनों के बल कितनी माटी खाई चूड़ियाँ माँ की कानों में खनकी भूली यादों से आँखें भर आईं ममता की...
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गुरुवार, 3 अप्रैल 2008
पर चलती क़लम को रोक लिया
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पुरानी यादों की चाशनी में नई यादों का नमक डाल कर चखा तो एक अलग ही स्वाद महसूस किया. जो महसूस किया उसे कविता की प्लेट में परोस दिया. आप भी...
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सोमवार, 31 मार्च 2008
साँसों का पैमाना टूटेगा
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कभी हाथ में प्रेम का प्याला गले से उतरे जैसे हो हाला सीने में उतरे चुभे शूल सा इक पल में फिर लगे फूल सा पाश में बाँधे मोह का प्याला कभी शूल...
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बुधवार, 26 मार्च 2008
मेरे त्रिपदम (हाइकु)
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सपना आया साया मन को भाया स्नेह की छाया खड़ी मुस्काये आज नहीं तो कल पाना तुझको विश्वास मुझे जन्मों जन्मों का नाता मिलना ही है
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सोमवार, 24 मार्च 2008
अपने ममता भरे हाथों से ....!
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(सन्ध्या के समय समुन्दर के किनारे बैठे बेटे विद्युत ने तस्वीर खींच ली, और हमने अपनी कल्पना में एक शब्द चित्र बना लिया. ) ममता भरे हाथों से...
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शनिवार, 22 मार्च 2008
बरस बरस बाद आती है होली
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(गूगल के सौजन्य से) यहाँ बोर्ड की परीक्षा का रंग छाया हुआ है जिसमें संगीत का रंग घोल कर होली का आनन्द ले रहे हैं. बरस बरस बाद , आती है होली ...
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