Thursday, April 14, 2011

त्रिपदम



ऋतु मन की 
ताप-तप्त अतृप्त 
क्षुधा असीम 



5 comments:

rashmi ravija said...

Beautiful lines

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुन्दर और सटीक ...

संजय भास्कर said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति

अविनाश वाचस्पति said...

तीन पंक्तियों या शब्‍दों में विचारों के छत्‍तीस संसार

Sunil Kumar said...

सुन्दर और सटीक ..