Saturday, March 22, 2008

बरस बरस बाद आती है होली



(गूगल के सौजन्य से)




यहाँ बोर्ड की परीक्षा का रंग छाया हुआ है जिसमें संगीत का रंग घोल कर होली का आनन्द ले रहे हैं.



बरस बरस बाद , आती है होली ,
आज ना कड़वा बोलो
हमने मन के मैल को धोया
तुम भी क्रोध को धो लो !

मारो भर भर कर पिचकारी
होली का यही मतलब है
रंगे इक रंग दुनिया सारी
होली का यही मतलब है
मारो भर भर कर पिचकारी
मारो भर भर कर पिचकारी

आज के दिन यूँ घुल मिल जाओ
बैर रहे न कोई
नया पुराना , अगला पिछला
बैर रहे न कोई
बढ़े प्यार की, बढ़े प्यार की साझे दारी
होली का यही मतलब है
मारो भर भर कर पिचकारी

आँगन आँगन
आँगन आँगन धूम मचाती
आई है शुभ बेला
नस में, नस नस मे
नस नस में संगीत जगाए
यह रंगों का मेला
खिले जीवन की फुलवारी
होली का यही मतलब है
मारो भर भर कर पिचकारी

जो भी हम से भूल हुई हो
आज उसे बिसरा दो
पश्चाताप सज़ा है खुद ही
और न कोई सज़ा दो
बने दुश्मन
बने दुश्मन भी आभारी
होली का यही मतलब है
मारो भर भर कर पिचकारी

17 comments:

मीत said...

आप को सपरिवार होली पर मंगलकामनायें.

mehek said...

sundar holi bahut mubarak

सुनीता शानू said...

सबके चेहरे कितने सुन्दर लग रहे है...आपको होली बहुत बहुत मुबारक हो दी

दिनेशराय द्विवेदी said...

होली पर आप को बहुत बहुत शुभकामनाएं।

परमजीत बाली said...

आप को होली की बहुत-बहुत बधाई।

Sanjeet Tripathi said...

शानदार!!
आपको भी होली की बधाई व शुभकामनाएं

विनय प्रजापति 'नज़र' said...

बरस बरस बाद , आती है होली ,
आज ना कड़वा बोलो
हमने मन के मैल को धोया
तुम भी क्रोध को धो लो !

beautiful Words!

Gyandutt Pandey said...

आपको और आपके परिवार को होली मुबारक जी!

Sanjay said...

आपको होली की शुभकामनाएं.

Lavanyam - Antarman said...

Happy Holi to you & Family Mnaxi ji
Warm rgds,
L

अनूप शुक्ल said...

शानदार! होली मुबारक!

Udan Tashtari said...

उत्तम..आपको होली बहुत-बहुत मुबारक.

प्रेमलता पांडे said...

होली की मुबारकबाद!

पंकज अवधिया Pankaj Oudhia said...

होली की हार्दिक शुभकामनाए।

anuradha srivastav said...

होली मुबारक हो.......

शोभा said...

मीनाक्षी जी
बहुत अच्छी कविता लिखी है । होली का यही सन्देश है। बधाई

Dr. Chandra Kumar Jain said...

सुंदर कविता, उदात्त भाव.
होली की समरसता को उकेरते शब्द.
शुभकामनाएँ.......