Saturday, October 27, 2007

हर् रचना के साथ लगाई तस्वीरों की कहानी !


मेरी हर रचना के साथ जो भी तस्वीरें हैं उनमें से कुछ मेरे द्वारा ही खींची गईं हैं शेष गूगल से ली गई हैं. यहाँ उनका विवरण दिया जा रहा है --




ईरान में मित्र का घर्




ईरान में मित्रों के साथ







दुबई





ईरान 'तहरान'






मेरी रसोई-घर में ईरानी केतली-कूरी






रियाद के घर में ताज़े फूलों का गुलद्स्ता






मेरे छोटे बेटे विद्युत द्वारा बनाया गया चित्र

यह चित्र भी विद्युत द्वारा बनाया गया.

















दमाम (साउदी अरब)










तहरान से रश्त(उत्तरी ईरान) की हवाई यात्रा के दौरान खींचा गया चित्र



दमाम के समुद्र का किनारा









ब्लॉग मे लगाए गए शेष सभी चित्र गूगल के सौजन्य से !

9 comments:

parul k said...

ईरानी केतली-कूरी
कितनी प्यारी केतली है……और परोसे गये व्यंजन तो YUMMY लग रहे हैं ,दी…सुंदर चित्र्।

Sanjeet Tripathi said...

बढ़िया तस्वीरें, आभार!!

हरिराम said...

काश! गुलदस्ते के सुन्दर फूलों की सुगन्ध भी ब्लॉग माध्यम से मिल पाती!

Sanjeeva Tiwari said...

तस्‍वीर में यादों का बसेरा है, कहानी ही तो है ।

'आरंभ' छत्‍तीसगढ का स्‍पंदन

बोधिसत्व said...

आपकी रसोई-घर में ईरानी केतली-कूरी
में क्या चाय जैसी चीज कभी पीने को मिलेगी.....

मीनाक्षी said...

बोधिसत्व जी , आपने क्या बात कर दी , हमारी भारतीय सभ्यता में अतिथि देवो भव ! मे विश्वास करते हैं. आप कभी भी चाय पीने आ सकते हैं... चाय की तलब इतनी है तो कुछ सोचते है कि कैसे आपको अंर्तजाल पर चाय पिलाई जाए :)

आशीष said...

ईरानी केतली-कूरी के साथ ईरानी चाय भी मिल जाती तो थोड़ा और मजा आ जाता

Mrs. Asha Joglekar said...

सुंदर तसवीरें, कुछ कुछ आपके वहाँ के जीवन शैली का आभास कराती ङुई । इसे हमारे साथ बांटने के लिये आभार ।

रंजू said...

बहुत सुंदर ....