Friday, October 26, 2007

नया प्रयास - पहला हाईकू तस्वीर के साथ !

मैंने थामा है
शक्ति पुंज दिनेश
दोनो हाथों में.

11 comments:

संजय गुलाटी मुसाफिर said...

Bahut sunder

Dard Hindustani (पंकज अवधिया) said...

बहुत अच्छे पर अब छोड भी दे दिनेश को उसे जाना है रौशनी फैलाने और अन्धेरा दूर भगाने। :)

kamlesh madaan said...

सुप्रभात भारत की तरफ़ से!

Gyandutt Pandey said...

बहुत बढ़िया! एक सूर्य केसरीनन्दन ने ट्रैप किया था, एक आपने!
देवन आइ करी बिनती तब छांड़ दियो रबि...

sunita (shanoo) said...

सचमुच बहुत ही सुन्दर

सुनीता(शानू)

अविनाश वाचस्पति said...

अच्छी करी है मीनाकारी आपने
पर खींचा किसने है चित्र सामने
नाम उसका भी हमें बतलाएं
उसे भी अच्छे से जान जाएं

parul k said...

सुप्रभात दी,बहुत सुंदर……

मीनाक्षी said...

इस तस्वीर पर बहुत बड़ी बहस शुरु हो गई है. दोनो बेटे एक मत नहीं हैं. दो तस्वीरो में से एक अंर्तजाल पर और एक एलबम में. मैने गलती से अपना छोटा बेटा मानकर उसकी तस्वीर अपने पहले हाइकू के साथ लगा दी.अब दोनो बेटे समस्या का हल ढूँढने मे लगे हैं.

काकेश said...

सुनदर है
यह प्रयास,अब
लिखते रहें

सूरज अब
दहक चुका,पर
चमक रहा

अनिल रघुराज said...

सराहनीय...

Sanjeet Tripathi said...

सुंदर!