Friday, October 5, 2007

संगीत आरोग्य साधक चिकित्सा है

संगीत की मधुर लय हमारे जीवन ही नहीँ स्वास्थ्य को भी बहुत प्रभावित करती है.
आजकल संगीत चिकित्सा द्वारा तरह तरह के रोगोँ को काबू पाने की कोशिश की जा रही है. मानव के स्वभाव को जानने के लिए भी संगीत चिकित्सा की जाती है.
विकलांग, ऑटिज़म , मानसिक रोगोँ से पीड़ित और एलज़इमर(Alzheimer)
के रोगियोँ के व्यवहार मेँ बदलाव देखे गए हैँ.
आजकल मानव के व्यवहार को समझने के लिए संगीत एक शक्तिशाली चिकित्सा प्रणाली मानी जा रही है. हाल ही मेँ एक शोध किया गया जिसमेँ समय से पूर्व जन्मे 10 बच्चोँ के कान मेँ हल्की मधुर लय मेँ तीन दिन के लिए लोरियाँ सुनाई गईँ. विशेष ध्यान देने पर पता चला कि इन बच्चोँ के खून मेँ ऑक्सीज़न का स्तर बढ़ा, ह्र्दय गति और साँस की गति लगभग साधारण बच्चोँ जैसी हो गई. स्पष्ट है कि संगीत की लय ऊर्ज़ा प्रदान करने वाली शक्ति है.
लय का स्वरूप स्नायुयोँ को बल देता है और जिन लोगोँ के स्नायु कमज़ोर होते हैँ या उन्हेँ अनुभव करने की शक्ति शून्य हो जाती है, वे इस उत्तम तकनीक द्वारा फिर से स्नायु को नियंत्रित कर लेते हैं. शोध से यह भी पता चला है कि मधुर संगीत सुनने से दिल के रोगियोँ की ह्र्दय गति और रक्त-चाप नियंत्रण मेँ हो जाता है. उच्च रक्त चाप के रोगियोँ की उत्तेजना कम हो जाती है.
हमारे शरीर का सम्पूर्ण शक्ति पुंज, चक्र बिन्दु ध्वनियोँ से प्रभावित होते हैं. उच्च स्वर मेँ श्लोकोँ का पाठ विशेष रूप से प्रभावशाली माना गया है. 'ॐ' के उच्चारण से जो लाभ होते हैँ उनसे हमारा देश ही नहीँ विश्व के अन्य देश भी लाभ उठा रहे हैं.
यदि आप अपने जीवन मेँ संगीत का प्रभावकारी लाभ देखना चाह्ते हैँ तो नीचे दिए कुछ निर्देशोँ का पालन कर के देखिए.....
* दिन भर के तनाव को दूर करने के लिए 20 मिनट के लिए 'ध्वनि स्नान' कीजिए.
हल्का मधुर संगीत लगा कर आराम से सोफे पर या ज़मीन पर लेट जाइए.
* ऐसा धीमा संगीत सुनिए जो साधारण ह्रदय गति जो 72 बीट पर मिनट होती है, से
भी कम हो. बार बार ऐसा धीमा संगीत सुनने पर उत्तेजना शांत होती है.
* साँसों के आने जाने पर ध्यान दीजिए. तनाव को भूल कर संगीत का आनन्द लीजिए.
* कभी कभी बहुत अधिक काम करने से शक्ति का हनन भी हो जाता है. शक्ति लाने के
लिए तेज़ संगीत भी सुन सकते हैँ.
* कठिन समय मेँ जैसे ट्रैफिक मेँ जाना पहचाना , बचपन का या पुराना संगीत मन को शांत करता है.
* वॉकमैन मेँ अपनी मनपसन्द का संगीत लगा कर सैर करने का आनन्द ही अलग
होता है.
* प्रकृति का संगीत सुनकर भी देखिए. समुद्र की उठती गिरती लहरोँ का स्वर, हरे भरे जंगल की शांति का स्वर , बहती हवा का स्वर . सम्भव नहीँ तो ऑडियो टेप्स, सीडीज़ ख़रीद लाइए.

5 comments:

Udan Tashtari said...

आभार, इस ज्ञानपरक वार्ता के लिये. मैम पहले ही इसका अभ्यास कर रहा हूँ. अभी तक बिस्तर पर लेट जाता था..अब जमीन पर लेट कर देखता हूँ. :)

पुनः साधुवाद इस आलेख के लिये.

Hindi Today said...

नेक सलाह के लिये धन्यवाद्। मै भी रिलेक्शेशन की कोशिश कर रहा हूं। और शायद कोशिशें कामयाब होती हैं।

Manish said...

मेरी तो ये अनिवार्य रुचि में आता है। संगीत ना हो तो जिंदगी अधूरी लगने लगती है।

अजित said...

ध्वनी स्नान के सुझाव अच्छे हैं. धन्यवाद. वक्त की कमी बहुत सी चीजों पर हावी हो जाती है. धन्यवाद्

anitakumar said...

अच्छी जानकारी दी आप ने…वॉकमेन ढ़ूढ़ना पड़ेगा कहाँ रख दिया