Sunday, September 30, 2007

ऐसी शक्ति मिले !

ख़ूने आँसू बहेँ तब भी आँखेँ हँसेँ तो क्या कहना
ज़हर पीते रहेँ, मुस्कराते रहेँ तो क्या कहना ..
ऐसी शक्ति मिले तो क्या कहना !
साँस घुटने लगे ज़िन्दगी चलती रहे तो क्या कहना
हवा चलती रहे , दीप जलते रहेँ तो क्या कहना ...
ऐसी शक्ति मिले तो क्या कहना !
जीवन पथ मेँ अँगारे सजेँ, पग-पग मेँ कंटक जाल बिछेँ
लथपथ लहू से, पग बढ़ते रहेँ तो क्या कहना ....
ऐसी शक्ति मिले तो क्या कहना !

2 comments:

Udan Tashtari said...

अति सुन्दर!!

Sanjeet Tripathi said...

आमीन कि ऐसी शक्ति हम सब को मिले!